शिविर का दूसरा दिन ! उत्साह और व्यस्तता से भरा , आज हमारे साथ शिविर की पहली निर्देशिका डॉ. ज्योत्स्ना रघुवंशी जिन्हे सब प्यार से बुआ जी कहते है हमारे साथ थीं . आदरणीय श्री राजेंद्र रघुवंशी जी के एक गीत के साथ जागो रे जागो ... ! आज रक्षा ने भारत नाट्यम की कुछ प्रसिद्ध मुद्राओं को बच्चों को सिखाया और अभ्यास कराया साथ ही बाल रचनाओं को हमारी लोक नृत्य निर्देशिका अलका धाकड के साथ मिल के प्रस्तुति के लिए तैयार किया .जनवादी शायर अदम गोंडवी साब की रचनाएँ पढ़ी गयीं और उनकी प्रस्तुति हो सके ऐसे दृश्य बंध तैयार किये गए .अंत में समूह गान के साथ आज का दिन पूरा हो गया !
No comments:
Post a Comment