शिविर का दूसरा दिन ! उत्साह और व्यस्तता से भरा , आज हमारे साथ शिविर की पहली निर्देशिका डॉ. ज्योत्स्ना रघुवंशी जिन्हे सब प्यार से बुआ जी कहते है हमारे साथ थीं . आदरणीय श्री राजेंद्र रघुवंशी जी के एक गीत के साथ जागो रे जागो ... ! आज रक्षा ने भारत नाट्यम की कुछ प्रसिद्ध मुद्राओं को बच्चों को सिखाया और अभ्यास कराया साथ ही बाल रचनाओं को हमारी लोक नृत्य निर्देशिका अलका धाकड के साथ मिल के प्रस्तुति के लिए तैयार किया .जनवादी शायर अदम गोंडवी साब की रचनाएँ पढ़ी गयीं और उनकी प्रस्तुति हो सके ऐसे दृश्य बंध तैयार किये गए .अंत में समूह गान के साथ आज का दिन पूरा हो गया !
Monday, May 21, 2012
Sunday, May 20, 2012
लिटिल इप्टा शिविर २०१२
कल लिटिल इप्टा का शिविर शुरू हो गया. यह शिविर का ३७ साल का हो गया . सुबह सुबह सूरसदन के बेसमेंट में महेंद्र राही जी के हारमोनियम की धुन पे "सा रे गा मा" गाते किशोर , बाल और युवा .... शिविर का प्रथम दिन इप्टा के महासचिव श्री जीतेन्द्र रघुवंशी जी के सानिध्य में शुरू हुआ , उन्होंने सभी से परिचय लेते हुए उन्हें भाषा और उच्चारण के बारीकियों के बारे में बताया और हम सभी उत्साहवर्धन किया , पहले दिन हमारी बाल नृत्य प्रशिक्षिका रक्षा गोयल ने नृत्य के बेसिक स्टेप्स बताये और मुझ पर अभिनय पक्ष सँभालने की जिम्मेदारी थी . पहले दिन १५ बाल, किशोर और युवा कलाकार हमारे साथ थे, "हम होंगे कामयाब " गीत को एक नारे की तरह लेते हुए शिविर का प्रथम दिवस उत्साह जनक था!
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